
नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज में ‘कलम एक स्वैच्छिक’ संस्था ने किया 200 पौधों का रोपण
कानपुर( रीजनल एक्सप्रेस)। 23 अगस्त 2025: पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वैच्छिक संस्था ‘कलम’ ने कानपुर के नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज, सर्वोदय नगर में 200 पौधों का रोपण किया। संस्था ने कानपुर, लखनऊ, कालपी और कन्नौज में कुल 11,000 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से अब तक 9,000 पौधे लगाए जा चुके हैं। इस अभियान के तहत आज आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में विविध प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जिनमें सफेद चंदन, आम, बेल, शतावर, मूसली, जंगली लहसुन, दमा बेल, अश्वगंधा, शमी और एलोवेरा जैसे औषधीय गुणों वाले पौधे शामिल थे।वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश चंद तिवारी, विशिष्ट अतिथि वरुण प्रताप सिंह (निदेशक, श्याम हॉस्टल, काकादेव), समाजसेवी गंगा शरण मिश्र उर्फ बालाजी और विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती नीता सिंह ने चंदन का पौधा लगाकर किया। इस अवसर पर संस्था के सचिव डॉ. विपिन शुक्ला ने मुख्य अतिथि और प्रधानाचार्य को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय की 19 शिक्षिकाओं, सभी कर्मचारियों और 70 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रत्येक ने एक-एक पौधा लगाकर इस पर्यावरणीय पहल को और मजबूती प्रदान की। इस अवसर पर श्रीमती पुष्पा देवी, श्रीमती सुभद्रा दीक्षित, धर्मेंद्र सिंह, कमलेश बाबू बाजपेई और डॉ. विशाल गुप्ता सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
‘कलम एक स्वैच्छिक’ संस्था के इस प्रयास की सराहना करते हुए मुख्य अतिथि सतीश चंद तिवारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस तरह के अभियान भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रधानाचार्य नीता सिंह ने भी छात्राओं को पौधों की देखभाल और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।संस्था के सचिव डॉ. विपिन शुक्ला ने बताया कि ”कलम एक स्वैच्छिक” का उद्देश्य न केवल पौधे लगाना है, बल्कि उन्हें जीवित रखने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने इस अभियान में सहयोग के लिए विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं का आभार व्यक्त किया।
आपको बता दें संस्था द्वारा आयोजित यह वृक्षारोपण कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने और युवा पीढ़ी को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाने का भी एक प्रयास है।








