
शोर मचाने वाले वाहनों पर पुलिस का डंडा
- मॉडिफाइड साइलेंसर और हूटर के विरुद्ध चला बड़ा अभियान।
- दो दिनों में 775 वाहनों पर गिरी गाज।
कानपुर की सड़कों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। दो दिनों तक चले इस सघन चेकिंग अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाले 775 वाहनों का चालान किया गया। पुलिस ने विशेष रूप से उन वाहनों को निशाने पर लिया जिनमें अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न और हूटर लगाए गए थे।
कानपुर(रीजनल एक्सप्रेस)। शहर में बेखौफ होकर शोर मचाने वाले और यातायात नियमों की धज्जियाँ उड़ाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। यातायात व्यवस्था को सुधारने और आम जनता को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए 9 मई 2026 से 10 मई 2026 तक शहर के कोने-कोने में चेकिंग पॉइंट लगाकर वाहनों की गहन जांच की गई।
पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस और ट्रैफिक टीमों को तैनात किया गया था। शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर घेराबंदी कर ऐसे वाहनों को रोका गया जो सड़कों पर दहशत या भारी शोर पैदा कर रहे थे। इस अभियान के दौरान पुलिस का मुख्य फोकस दोपहिया वाहनों में लगे उन साइलेंसरों पर था जिनसे पटाखों जैसी आवाज निकलती है।
जांच के दौरान निजी वाहनों पर अवैध रूप से लगी नीली और लाल बत्तियाँ भी उतरवाई गईं। कई रसूखदार लोग अपनी गाड़ियों पर अनधिकृत रूप से हूटर लगाकर सड़कों पर चलते पाए गए, जिन पर सख्त कार्रवाई की गई। भारी वाहनों में लगे प्रेशर हॉर्न, जो राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बनते हैं, उन्हें भी इस अभियान के तहत नियंत्रित किया गया।
रवीन्द्र कुमार ने इस संबंध में स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़कों पर स्टंटबाजी और अवैध मॉडिफिकेशन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह अभियान केवल दो दिनों के लिए नहीं है, बल्कि भविष्य में भी इसी तरह की आकस्मिक चेकिंग जारी रहेगी ताकि शहरवासी सुरक्षित और शांत वातावरण में आवाजाही कर सकें।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और एम्बुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता दें। किसी भी समस्या के लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम के नंबर 9305104340 और हेल्पलाइन नंबर 9305104387 को भी सार्वजनिक किया गया है ताकि आम नागरिक पुलिस के साथ समन्वय बना सकें।









