
अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा ने किया नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष का जोरदार स्वागत
- शिक्षा को बताया समाज बदलने का सबसे बड़ा हथियार।
- एकता और अनुशासन में ही कुशवाहा समाज की असली शक्ति: दिनेश सिंह कुशवाहा।
- कानपुर के बर्रा स्थित पारस गार्डेन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह।
कानपुर(रीजनल एक्सप्रेस)। अखिल भारतीय कुशवाहा महासभा द्वारा बर्रा स्थित पारस गार्डेन में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी कार्यक्रम में महासभा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह कुशवाहा का कानपुर जिला इकाई द्वारा ऐतिहासिक स्वागत और अभिनंदन किया गया। समारोह में भारी संख्या में समाज के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने फूल-मालाओं के साथ अपने नए अध्यक्ष का अभिवादन किया।
शिक्षा और एकता पर जोर: सम्मान से अभिभूत नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह कुशवाहा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाज के उत्थान के लिए शिक्षा को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, “हमारी युवा पीढ़ी को शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही वह एकमात्र हथियार है जिससे पूरे समाज का भाग्य बदला जा सकता है।” उन्होंने आगे जोर देते हुए कहा कि कुशवाहा समाज की ताकत आपसी एकता और अनुशासन में है। हम सभी को अपनी जड़ों से जुड़े रहकर समाज को सशक्त बनाने का संकल्प लेना होगा।
एकजुटता का संदेश : दिनेश सिंह कुशवाहा ने समाज की व्यापक पहचान पर बात करते हुए कहा कि हमारी एकता कुशवाहा, मौर्य, शाक्य और सैनी जैसे उपनामों से कहीं ऊपर है। हम सब एक हैं और हमारी यही एकजुटता हमारी असली शक्ति है। उन्होंने युवा साथियों को भविष्य का निर्माता बताते हुए निरंतर संघर्ष करने और अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर मंच पर समाज के कई दिग्गज नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से कार्यक्रम में अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सचिव केतकी कुशवाहा, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय कुशवाहा, चकरपुर मंडी समिति अध्यक्ष पंकज कुशवाहा, प्रदेश उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग जय प्रकाश कुशवाहा, उमेश कुशवाहा, गीता शाक्य, सर्वेश कुशवाहा, सौरभ कुशवाहा, अरुण कुशवाहा, पुष्पेंद्र कुशवाहा, उमेश कुशवाहा, गोविंद कुशवाहा, कमल कुशवाहा, स्वतंत्र कुशवाहा, जेपी मौर्य, एस एन कुशवाहा, जितेंद्र कुशवाहा, प्रशांत मौर्य, संजय मौर्य, गौरव कुशवाहा, संदीप कुशवाहा, राहुल कुशवाहा, आकाश कुशवाहा, वंश कुशवाहा, धर्मेंद्र कुशवाहा, सागर कुशवाहा, दीपू कुशवाहा आदि सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य लोग इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।









