
ई-रिक्शा के लिए ‘कलर कोड’ अनिवार्य
- 25 फरवरी 2026 से आवंटन शुरू।
- कानपुर शहर को 7 अलग-अलग रंगों के ज़ोन में बांटा गया।
- स्टिकर के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
- किसी भी असुविधा के लिए ट्रैफिक हेल्पलाइन 9305104387 पर संपर्क करें।
कानपुर(रीजनल एक्सप्रेस)। शहर की बेपटरी ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा और ई-ऑटो मनमर्जी से किसी भी रूट पर नहीं दौड़ सकेंगे। पुलिस ने ई-रिक्शा के लिए 7 कलर कोड ज़ोन निर्धारित किए हैं। आगामी 25 फरवरी 2026 से इन स्टिकर्स का आवंटन शुरू कर दिया जाएगा।
थाने से मिलेगा मुफ्त क्यूआर स्टिकर
ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, ई-रिक्शा और ई-ऑटो मालिकों को अपने क्षेत्र के संबंधित थाने या सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) कार्यालय में बने काउंटर पर जाकर स्टिकर प्राप्त करना होगा। यह स्टिकर पूरी तरह नि:शुल्क दिया जाएगा। स्टिकर में क्यूआर कोड (QR Code) होगा, जिससे यात्री मोबाइल स्कैन कर चालक और वाहन की पूरी जानकारी देख सकेंगे।
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
वाहन स्वामियों को स्टिकर लेने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज साथ ले जाने होंगे:
- रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC)
- इंश्योरेंस सर्टिफिकेट
- आधार कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- फिटनेस प्रमाण पत्र
रूट और कलर कोड का विवरण:
पुलिस ने रूट के हिसाब से मोहल्लों को विभाजित किया है:
रूट 1 (लाल): कोतवाली, मूलगंज, अनवरगंज, चमनगंज, रायपुरवा क्षेत्र।
रूट 2 (हरा): नौबस्ता, किदवई नगर, बाबूपुरवा, रेलबाजार क्षेत्र।
रूट 3 (धानी): बर्रा, गुजैनी, हनुमंत विहार, जूही, गोविन्द नगर।
रूट 4 (नीला): चकेरी, जाजमऊ, छावनी क्षेत्र।
रूट 5 (पीला): कर्नलगंज, ग्वालटोली, सीसामऊ, बजरिया, कोहना।
रूट 6 (बैंगनी): कल्याणपुर, पनकी, अरमापुर, रावतपुर क्षेत्र।
रूट 7 (गुलाबी): काकादेव, स्वरूपनगर, नजीराबाद, फजलगंज, नवाबगंज।
क्यों पड़ी इसकी जरूरत? अक्सर देखा गया है कि ई-रिक्शा चालक किसी भी रूट पर घुस जाते हैं, जिससे मुख्य चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। नई व्यवस्था से अवैध वाहनों पर लगाम लगेगी और शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी। साथ ही, फिटनेस वाले वाहनों के ही सड़कों पर चलने से दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।









