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जियो की CNAP: फोन पर अब दिखेगा कॉलर का असली नाम

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इस सर्विस से अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स पर स्क्रीन पर कॉलर का वेरिफाइड नाम (KYC दस्तावेजों से लिंक्ड) तुरंत दिखेगा।

नई दिल्ली(रीजनल एक्सप्रेस)। रिलायंस जियो ने फ्रॉड कॉल्स से निपटने के लिए नई ‘कॉलर नेम प्रेजेंटेशन’ (CNAP) सर्विस लॉन्च कर दी है। इस सर्विस से अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स पर स्क्रीन पर कॉलर का वेरिफाइड नाम (KYC दस्तावेजों से लिंक्ड) तुरंत दिखेगा। TRAI के दिशानिर्देशों के तहत शुरू हुई यह सुविधा धीरे-धीरे पूरे देश में लागू होगी, जिससे स्पैम और फिशिंग कॉल्स का खात्मा आसान हो जाएगा।

CNAP क्या है?
CNAP यानी ‘कॉलर नेम प्रेजेंटेशन’ एक नेटवर्क-लेवल फीचर है, जो टेलीकॉम कंपनियों द्वारा कॉल आने से पहले ही कॉलर की पहचान सत्यापित करता है। यह Truecaller जैसी थर्ड-पार्टी ऐप्स से अलग है, क्योंकि यह ऑफिशियल KYC डेटाबेस (जैसे आधार कार्ड) पर आधारित है। कॉलर का नाम वही दिखेगा जो सिम एक्टिवेशन के समय दर्ज किया गया था। TRAI ने फरवरी 2024 में इसकी सिफारिशें जारी की थीं, और अक्टूबर 2025 में इसे मंजूरी दी गई।

जियो में कैसे काम करेगी सर्विस?
जियो यूजर्स को अब किसी भी अज्ञात नंबर से कॉल आने पर स्क्रीन पर कॉलर का पूरा नाम, जैसे “राम कुमार” या “सीमा शर्मा”, सीधे दिखेगा। यह फीचर बैकग्राउंड में काम करता है – कोई अतिरिक्त ऐप इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं। कॉल आने के एक सेकंड के अंदर नाम पॉप-अप हो जाएगा। हालांकि, प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए, नाम केवल वेरिफाइड यूजर्स के लिए ही दिखेगा। अगर कॉलर ने अपना नाम अपडेट नहीं किया है, तो केवल नंबर दिखेगा। जियो के अलावा एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया (Vi) और BSNL जैसी कंपनियां भी इसे रोलआउट कर रही हैं।

लॉन्च की शुरुआत: कहां-कहां शुरू?
जियो ने CNAP को चुनिंदा सर्कल्स में लाइव कर दिया है। बिहार, उत्तर प्रदेश (ईस्ट और वेस्ट), पश्चिम बंगाल, राजस्थान, पंजाब, केरल, असम, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों में पहले फेज में यह सुविधा उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक, आने वाले महीनों में पूरे देश में विस्तार होगा, और मार्च 2026 तक सभी यूजर्स तक पहुंच जाएगी। DoT (डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम) ने टेलीकॉम कंपनियों को इसे डिफॉल्ट फीचर बनाने का निर्देश दिया है।

फायदे: फ्रॉड से कैसे बचेगी जनता?
भारत में रोजाना लाखों फेक कॉल्स आती हैं, जिनमें बैंक फ्रॉड, लोन स्कैम या फिशिंग शामिल हैं। CNAP से यूजर्स को तुरंत पता चल जाएगा कि कॉल असली है या नकली। उदाहरण के लिए, अगर कोई स्कैमर ‘बैंक ऑफिसर’ बनकर कॉल करे, लेकिन नाम ‘अज्ञात’ या गलत दिखे, तो यूजर कॉल काट सकता है। TRAI के अनुसार, यह फीचर स्पैम कॉल्स को 70% तक कम कर सकता है। इसके अलावा, बिजनेस यूजर्स के लिए भी फायदेमंद – ग्राहक सीधे नाम देखकर कॉल अटेंड करेंगे।

चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं
हालांकि लॉन्च उत्साहजनक है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। प्राइवेसी एक बड़ा मुद्दा है – नाम दिखाने से कॉलर की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है। TRAI ने DND (डू नॉट डिस्टर्ब) रजिस्ट्री के साथ इसे इंटीग्रेट करने का प्लान बनाया है। जियो ने कहा है कि सर्विस फ्री होगी, लेकिन पूर्ण रोलआउट के लिए टेक्निकल अपग्रेड जरूरी हैं। आने वाले समय में, CNAP को AI से जोड़कर और स्मार्ट फीचर्स जोड़े जाएंगे, जैसे ऑटो-ब्लॉक स्पैम नंबर्स।
यह नई शुरुआत भारत को दुनिया का सबसे बड़ा ऑफिशियल कॉलर ID सिस्टम देगी। यूजर्स को सलाह है कि वे अपने KYC डिटेल्स अपडेट रखें, ताकि नाम सही दिखे। जियो के इस कदम से टेलीकॉम सेक्टर में पारदर्शिता बढ़ेगी, और फ्रॉड का ग्राफ नीचे आएगा।

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