
यातायात जागरूकता : गुरुकुल स्कूल में छात्रों का सम्मान समारोह
कानपुर,पनकी(रीजनल एक्सप्रेस)। कलम स्वैच्छिक संस्था के तत्वावधान में पनकी गंगा गंज स्थित गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल में एक भव्य यातायात जागरूकता एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल छात्रों को बल्कि उनके अभिभावकों को भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था, ताकि दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। 
कार्यक्रम का उद्घाटन पनकी इंस्पेक्टर सुनील कुमार त्रिपाठी ने मां सरस्वती को माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन के साथ किया। मुख्य वक्ता के रूप में इंस्पेक्टर त्रिपाठी ने छात्रों को यातायात नियमों के पालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि माता-पिता को भी इन नियमों का सख्ती से पालन करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाले गंभीर नुकसानों के बारे में विस्तार से बताया गया।
इंस्पेक्टर सुनील कुमार त्रिपाठी और इंस्पेक्टर सूर्यकान्त राय ने विशेष रूप से गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट, हेलमेट के उपयोग, गति सीमा के मानकों तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को चलाने में छूट व सावधानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि सुरक्षा को कभी नजरअंदाज न करें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
कार्यक्रम के अंत में यातायात जागरूकता फैलाने वाले सभी अधिकारियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कलम स्वैच्छिक संस्था के सचिव डॉ. विपिन शुक्ला ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का मुख्य लक्ष्य बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी जिम्मेदार बनाना है। उन्होंने कहा, “स्कूलों में नियमित जागरूकता अभियान चलाकर हम सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम कर सकते हैं।”

इस अवसर पर गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के प्रबंधक भानू प्रताप झा, सह-प्रबंधक वंदना झा, प्रधानाचार्य सोनम प्रजापति तथा आशीष चंदेल भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्रों और अभिभावकों ने भाग लिया, जो इसकी सफलता का प्रमाण है। कलम स्वैच्छिक संस्था ने भविष्य में और भी ऐसे आयोजनों की योजना बनाई है। 
डॉ. विपिन शुक्ला: समाज सेवा के प्रखर सितारे
कलम एक स्वैच्छिक संस्था के सचिव डॉ. विपिन शुक्ला एक ऐसे समर्पित व्यक्तित्व हैं, जिनकी सामाजिक सक्रियता ने कानपुर और आसपास के क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव की लहर पैदा की है। उनके नेतृत्व में कलम संस्था ने हाल ही में गंगा के किनारे बसे बाढ़ प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को चिकित्सा सहायता प्रदान की, जिससे सैकड़ों जरूरतमंदों को तत्काल राहत मिली। इसी तरह, नगर निगम बालिका इंटर कॉलेज में 200 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया, जहां उन्होंने जोर दिया कि पौधों को जीवित रखना ही असली सफलता है। कौशल विकास के क्षेत्र में हस्तशिल्प योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने का कार्य भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। विश्व हृदय दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर स्वास्थ्य शिक्षा को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय प्रेस दिवस जैसे अवसरों पर पत्रकारों को सम्मानित करना उनकी बहुआयामी सोच को दर्शाता है। डॉ. शुक्ला का हर प्रयास समाज के कमजोर वर्गों को मजबूत बनाने पर केंद्रित है, जो न केवल कलम संस्था का गौरव बढ़ाता है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बना हुआ है। ऐसे समाजसेवी की कमी न हो, यही हमारी कामना है!








