
नैमिष धाम से मथुरा तक चलें ट्रेन : अनूप ठाकुर महाराज
- नैमिषारण्य यातायात के सभी साधनों से वंचित हैं!
- यहां फोरलेन कोई सड़क तक नहीं हैं
- श्रद्धालुओं को तीर्थयात्रियों पर्यटकों को आवागमन में बहुत कठिनाई होती हैं!
हरदोई( रीजनल एक्सप्रेस)। जिला हरदोई के ग्राम सुहेडी़ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर असलापुर धाम से पधारें अखिल विश्व कल्याण पीठ के पीठाधीश्वर सुप्रसिद्ध कथावाचक अनूप ठाकुर महाराज ने कहा कि जिसके पास प्रेम धन हैं वो निर्धन हों ही नहीं सकता प्रेम में हैं परमात्मा का वास है! कृष्ण और सुदामा जैसी मित्रता आज कहां हैं। यही कारण है कि आज भी सच्ची मित्रता के लिए कृष्ण-सुदामा की मित्रता का उदाहरण दिया जाता है। द्वारपाल के मुख से पूछत दीनदयाल के धाम, बतावत आपन नाम सुदामा, सुनते ही द्वारिकाधीश नंगे पांव मित्र की अगवानी करने पहुंच गए। और सुदामा जी को अपने गले से लगाया लिया रूक्मिणी जी सोंच में पड़ गयी इसी साथ विस्तार से कृष्ण सुदामा प्रसंग की कथा महाराज जी ने सुनाई कृष्ण-सुदामा चरित्र प्रसंग पर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे!

इसी के साथ अनूप ठाकुर महाराज ने कथा के माध्यम से सरकार व सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि नैमिषारण्य विश्व के प्राचीनतम तीर्थों में से एक हैं! भारत सरकार द्वारा उ. प्र. के तीर्थों काशी (वाराणसी) अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा एवं नैमिषारण्य को वैश्विक पर्यटन केंद्र घोषित किया गया है! इनमें प्रथम चार रेल, हवाई, एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े हुए हैं किन्तु नैमिषारण्य यातायात के इन सभी साधनों से वंचित हैं! यहां फोरलेन कोई सड़क तक नहीं हैं ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं को तीर्थयात्रियों पर्यटकों को आवागमन में बहुत कठिनाई होती हैं!
महाराज जी ने कहा कि होली से पूर्व नैमिष से लेकर मिश्रिख तक चौरासी कोसीय विशाल परिक्रमा होती हैं जिसमें देश विदेश से श्रद्धालु भक्त लाखों करोड़ों की संख्या में भाग लेते जिन्हें ऐसी स्थिति में घोर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है!
जिसमें नैमिषारण्य से हरदोई होकर फर्रुखाबाद तक मात्र 112 किलोमीटर नयी रेल लाइन बिछाकर मथुरा को नैमिषारण्य से जोड़ने की मांग की जिसमें पांचों तीर्थ वैश्विक पर्यटन केंद्र एक दूसरे से स्वत: ही जुड़ जायेंगे इसी के साथ आस पास के पड़ोसी जनपद भी इसका लाभ उठा सकेंगे और आवागमन में सरलता प्राप्त होंगी अनूप ठाकुर महाराज ने कथा के मध्य सरकार व सभी श्रद्धालुओं से अपील की आप सभी मथुरा नैमिष रेल जोड़ों अभियान को सफलता प्रदान करें आप लोग सरकार को पत्राचार के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में प्रेषित करें और पुण्य के भागीदार बनें इस अभियान में अजयपाल सिंह सोमवंशी, रामबीर सिंह सोमवंशी, रक्षपाल सिंह सोमवंशी समेत बहुत से लोग निरंतर प्रयासरत हैं! कथा विश्राम पर कथावाचक ने सुंदर भजन सुनाकर संगीत की स्वर लहरियों पर सभी को झूमने पर विवश कर दिया परिक्षित मोक्ष की कथा एवं आरती के साथ भागवत जी को विश्राम दिया गया!








