
कानपुर दि लॉयर्स एसोसिएशन चुनाव 2025: दिनेश वर्मा बने अध्यक्ष, राजीव यादव ने जीता महामंत्री पद
कानपुर( रीजनल एक्सप्रेस)। 20 अगस्त 2025: कानपुर के कानूनी गलियारों में एक बार फिर उत्साह और उमंग का माहौल रहा, जब कानपुर दि लॉयर्स एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव 2025 के परिणाम देर रात घोषित किए गए। इस बार के चुनाव में दिनेश चंद्र वर्मा ने अध्यक्ष पद पर शानदार जीत हासिल की, जबकि राजीव यादव ने महामंत्री पद पर अपनी धमाकेदार वापसी की। डीएवी डिग्री कॉलेज में आयोजित इस चुनाव में 7,765 अधिवक्ताओं ने 15 बूथों पर अपने मताधिकार का उपयोग किया, जिसने शहर के कानूनी समुदाय में नई ऊर्जा का संचार किया है।
चुनाव का रोमांचक माहौल कानपुर दि लॉयर्स एसोसिएशन का चुनाव शहर के अधिवक्ताओं के लिए केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान का सवाल होता है। इस बार भी चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर थी। कोर्ट परिसर से लेकर कचहरी के गलियारों तक, हर ओर उम्मीदवारों के समर्थकों की चर्चा और प्रचार का जोश देखने को मिला। मंगलवार, 19 अगस्त को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक डीएवी डिग्री कॉलेज में मतदान हुआ। कुल 74 प्रत्याशी 20 कार्यकारिणी पदों के लिए मैदान में थे, जिनमें अध्यक्ष और महामंत्री के पद सबसे ज्यादा चर्चा में रहे।
अध्यक्ष पद पर राकेश सचान, अरविंद कुमार दीक्षित, सैय्यद सिकंदर आलम, सुरेंद्र कुमार पांडेय, अनूप कुमार द्विवेदी, और दिनेश चंद्र वर्मा के बीच कांटे की टक्कर थी। वहीं, महामंत्री पद पर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, राजीव यादव, देशबंधु तिवारी, अखिलेश कुमार गुप्ता, ज्योतेंद्र कुमार दीक्षित, सुनील कुमार पांडेय, नवनीत कुमार पांडेय, और अभय शर्मा जैसे 9 दिग्गज उम्मीदवारों ने ताल ठोकी थी।
दिनेश वर्मा और राजीव यादव की जीत दिनेश चंद्र वर्मा ने अपनी स्वच्छ छवि और अधिवक्ताओं के हित में काम करने की प्रतिबद्धता के दम पर अध्यक्ष पद हासिल किया। सूत्रों के अनुसार, दिनेश वर्मा और इंदीवर बाजपेई के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन वर्मा ने भारी मतों से जीत दर्ज की। उनकी जीत को अधिवक्ता समुदाय में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।
वहीं, राजीव यादव ने 2024 के चुनाव में मिली हार को पीछे छोड़ते हुए इस बार महामंत्री पद पर शानदार जीत हासिल की। 2024 में राजीव यादव को अभिषेक तिवारी ने 622 वोटों से हराया था, लेकिन इस बार उन्होंने त्रिकोणीय मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़कर जीत का परचम लहराया।
परिणामों की घोषणा के बाद कचहरी परिसर में उत्सव का माहौल देखने को मिला। समर्थकों ने मिठाइयां बांटीं, माला पहनाई, और विजेताओं का जोरदार स्वागत किया। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अधिवक्ताओं के कल्याण, कचहरी की साफ-सफाई, और पुस्तकालय को सुदृढ़ करने जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता से काम करने का वादा किया।
चुनाव की खास बातें
सुरक्षा और व्यवस्था: चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए एल्डर्स कमेटी ने कड़े इंतजाम किए थे। मतदान स्थल पर मोबाइल फोन ले जाने की मनाही थी, और 98 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मतदान के लिए QR कोड वाली पर्ची अनिवार्य थी, जिससे गोपनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई।
विवाद और नियमों का उल्लंघन:
कुछ उम्मीदवारों ने एल्डर्स कमेटी के नियमों का उल्लंघन किया, जैसे कोर्ट परिसर में जुलूस निकालना और समर्थकों के लिए भोज आयोजित करना। कमेटी ने डीएवी डिग्री कॉलेज से क्रिश्चियन कब्रिस्तान तक के क्षेत्र को रेड जोन घोषित किया और प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए।
यातायात व्यवस्था: मतदान के दिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक रूट डायवर्जन लागू किया गया था, ताकि मतदाताओं को कोई असुविधा न हो।
मुख्य मुद्दे: इस बार के चुनाव में अधिवक्ता कल्याण निधि बढ़ाने, युवा अधिवक्ताओं के लिए प्रोत्साहन राशि, चैंबर्स का निर्माण, और कचहरी की स्वच्छता जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
पिछले चुनावों की झलक 2024:
श्याम नारायण सिंह अध्यक्ष और अभिषेक तिवारी महामंत्री बने। अभिषेक ने राजीव यादव को 2122 वोटों से हराया था।
2023: प्रमोद द्विवेदी ने अध्यक्ष और आदित्य सिंह ने महामंत्री पद हासिल किया था।
मैथा तहसील 2025: कुलदीप तिवारी अध्यक्ष और धर्मवीर सेंगर महामंत्री चुने गए।
इस बार के परिणामों ने साफ कर दिया कि अधिवक्ता समुदाय ने प्रैक्टिस करने वाले और स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी। सामाजिक और राजनीतिक चर्चाX पर कुछ पोस्ट्स में इस जीत को समाजवादी पार्टी (SP) के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले से जोड़ा गया, जिसे अखिलेश यादव ने 2024 लोकसभा चुनावों में प्रभावी ढंग से लागू किया था। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यह जीत अधिवक्ता समुदाय में सामाजिक समावेशन और प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को प्राथमिकता देने का संदेश देती है।
भविष्य की उम्मीदें दिनेश वर्मा और राजीव यादव ने अपनी जीत को अधिवक्ता समुदाय की एकजुटता का परिणाम बताया। उन्होंने वादा किया कि वे कचहरी में अधिवक्ताओं के लिए बेहतर सुविधाएं, जैसे चैंबर्स, पुस्तकालय, और कल्याण निधि, सुनिश्चित करेंगे। साथ ही, वे युवा अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन देने और कचहरी की गरिमा को बहाल करने पर जोर देंगे।निष्कर्षकानपुर लॉयर्स एसोसिएशन चुनाव 2025 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह न केवल एक संगठन का चुनाव है, बल्कि अधिवक्ता समुदाय की एकता और उनके हितों की लड़ाई का प्रतीक है। दिनेश चंद्र वर्मा और राजीव यादव की जोड़ी से अधिवक्ताओं को नई उम्मीदें हैं। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने कचहरी की चुनौतियों को हल करने और अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए काम करने की बड़ी जिम्मेदारी है। अधिक जानकारी के लिए अधिवक्ता कानपुर लॉयर्स एसोसिएशन के आधिकारिक नोटिस की जांच कर सकते हैं।








