
उत्तर प्रदेश प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन का प्रांतीय समागम 2022 हुआ संपन्न
- कानपुर के श्रीगोपाल तुलस्यान निर्विरोध प्रांतीय अध्यक्ष हुए निर्वाचित
- राष्ट्रीय व सामाजिक चुनौतियों के लिए युवाओं को लेनी होगी जिम्मेदारी
- संस्कार और परंपरा से ही संस्कृति का रक्षण संभव
- आर के चौधरी और डॉo शिवानी व अन्य को समाज गौरव सम्मान
कानपुर(रीजनल एक्सप्रेस)। उत्तर प्रदेश प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय समागम संपर्क 2022 का आयोजन मारवाड़ी सम्मेलन की वाराणसी शाखा के आतिथ्य में रविवार को मारवाड़ी युवक संघ भवन लक्सा में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से एवं स्थानीय मारवाड़ी समाज बंधुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष उमाशंकर अग्रवाल ने कहा कि 1937 में स्थापित अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मलेन ने सदैव ही राष्ट्रीय व सामाजिक चुनौतियों का सामना किया है और राह दिखाई है, उन्होंने आगे कहा कि संगठन की शक्ति समाज और व्यक्तियों के आगे बढ़ने में सहायक होती है।
चुनाव अधिकारी व सम्मलेन के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल के जाजोदिया ने चुनाव प्रक्रिया का संचालन किया और प्रांतीय अध्यक्ष के चुनाव में कानपुर के श्रीगोपाल तुलस्यान के निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की। अपने प्रथम उद्बोधन में श्रीगोपाल तुलस्यान कहा कि देश के विकास, उन्नति और विकास में मारवाड़ी समाज ने सदा ही उल्लेखनीय योगदान दिया है. मूलतः परोपकार, सेवा, व्यापार और उद्यम में अग्रणी इस समाज की सेवाओं को निकट भविष्य में बड़ा आयाम दिया जायेगा और उत्तर प्रदेश में सम्मलेन की 25 नई शाखाओं की स्थापना की जाएगी, उन्होंने प्रांतीय टीम में कुछ पदाधिकारियों के मनोनयन की भी घोषणा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्टाम्प तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उ.प्र. रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि मारवाड़ी संस्कृति ने सदैव ही राष्ट्र प्रेम और जनसेवा को प्राथमिकता दी है और समय समय पर पूरे देश के समक्ष शानदार उदाहरण प्रस्तुत किये है। महाराणा प्रताप, भामाशाह, बिड़ला और अन्य का उल्लेख करते हुए उन्होंने नई पीढ़ी का इस विरासत को आगे बढ़ाने का आह्वाहन किया, उन्होंने शासन की नीतियों और कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर उल्लेखनीय योगदान के लिए समाज के विशिष्ट व्यक्तियों को समाज गौरव सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की गयी जिनमें प्रशासनिक नेतृत्व के लिए मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, उद्योग एवं जनसेवा के लिए आर के चौधरी, सामाजिक चेतना व सेवा हेतु अयोध्या के भागीरथ मल पचेरिवाल, कला संगीत और संस्कृति हेतु प्रतापगढ़ की डॉ. शिवानी मातनहेलिया प्रमुख रहे और उपस्थित गणमान्यों को अंगवस्त्रम और मानपत्र से सम्मानित किया गया।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनिल के जाजोदिया ने कहा मारवाड़ी सम्मलेन के इतिहास और सामाजिक योगदान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि लोक कल्याण के लिए स्कूल, अस्पताल, धर्मशाला, प्याऊ और मंदिर के निर्माण में आगे रहने वाले मारवाड़ी समाज ने हमेशा ही बढ़ चढ़ कर सेवा की है। राजस्थान हरियाणा और मालवा के मूल निवासी हमारे पूर्वज देश विदेश के जिन भी भागों में गए वहाँ घुलमिल गए, वहीँ पर सेवाकार्य किये और स्थानीय आर्थिक गतिविधि, संस्कृति व लोक कला में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वाराणसी शाखा के अध्यक्ष श्रीनारायण खेमका ने अतिथियों का स्वागत किया और अपने कार्यकाल में दिए गए सहयोग हेतु आभार ज्ञापित किया. उन्होंने नए सत्र हेतु अध्यक्ष अनुज डिडवानिया, उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, दीपक माहेश्वरी और सचिव मनमोहन लोहिया, कोषाध्यक्ष मनीष लोहिया, संयुक्त सचिव हेमदेव अग्रवाल, संगठन सचिव कृष्ण कुमार काबरा और प्रचार सचिव सुरेश तुलस्यान के नेतृत्व में नई टीम की घोषणा की और उनका परिचय कराया। इस अवसर पर मारवाड़ी गौरव की नई मंजिलें विषय पर परिचर्चा का भी आयोजन किया गया. प्रथम वक्ता उद्यमी दीपक बजाज ने कहा कि हर पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह उस दौर के अनुसार राष्ट्र व समाज का गौरव बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान करे। व्यक्तियों की सफलता में सामाजिक योगदान का महत्त्व बताते हुए उन्होंने कहा कि हर किसी को अपना कार्य इस प्रकार से करना होगा कि उसमें जनकल्याण और सामाजिक गौरव का उद्देश्य निहित हो, कार्यक्रम के आज़मगढ़ के श्याम सुंदर डालमिया, सुल्तानपुर के अचलेश अग्रवाल, प्रदीप ड्रोलिया, मऊ के एन्थोनी अग्रवाल, मुग़लसराय के पंकज अग्रवाल आदि ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम को मारवाड़ी युवक संघ के अध्यक्ष पुरुषोत्तम जालान व प्रधानमन्त्री महेश चौधरी ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम के दौरान आपसी परिचय, सांगठनिक चर्चा, खुला सत्र आदि का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का संयोजन आनंद लडिया, मनीष लोहिया द्वारा कृष्ण कुमार काबरा, मनीष गिनोडिया, सुरेश तुलस्यान व अन्य के सहयोग से किया गया. संचालन अनिल अग्रवाल ने किया।








