
बिना साधना के भगवान का सानिध्य संभव नहीं : अनूप महाराज
हरदोई(रीजनल एक्स्प्रेस)। जिला हरदोई के ग्राम लोनार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के विश्राम दिवस पर धर्मधाम असलापुर से पधारें सुप्रसिद्ध कथावाचक अनूप ठाकुर महाराज ने रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा, कि रूक्मिणी ने बचपन में संत महात्माओं के मुख से भगवान कृष्ण का बखान सुना था रुक्मिणी जी ने उसी दिन से यह ठान लिया था कि मैं साधारण पुरुष को छोड़कर ब्रम्ह कृष्ण के साथ विवाह करुंगी जिससे मेरा सुहाग अमर हो जायेगा।

अनूप महाराज ने भागवत कथा के महत्व को बताते हुए कहा कि जो भक्त प्रेमी कृष्ण रुक्मणी के विवाह उत्सव में शामिल होते हैं उनकी वैवाहिक समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है। कि इस प्रसंग को श्रद्धा के साथ श्रवण करने से कन्याओं को सुमंगल वर की प्राप्ति होती है।
अनूप महाराज ने कहा कि मित्रता करनी है तो कृष्ण सुदामा की तरह होनी चाहिए, आधुनिक युग में स्वार्थ के लिए लोग एक-दूसरे के साथ मित्रता करते हैं और काम निकल जाने पर एक-दूसरे को भूल जाते हैं। जीवन में प्रत्येक प्राणी को परमात्मा से एक रिश्ता जरूर बनाना चाहिए। परमात्मा से बनाया गया रिश्ता जीव को मोक्ष की ओर ले जाएगा। महाराज ने बताया कि स्वाभिमानी सुदामा ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सखा कृष्ण का चितन और स्मरण नहीं छोड़ा। जिसके फलस्वरूप कृष्ण ने भी सुदामा को परम पद प्रदान किया।
इसी के साथ कथा को सुनाते हुए ठाकुर महाराज ने कहा कि बिना साधना के भगवान का सानिध्य नहीं मिलता द्वापर युग में गोपियों को भगवान श्री कृष्ण का सानिध्य इसलिए मिला, क्योंकि वे त्रेता युग में ऋषि-मुनि के जन्म में भगवान के सानिध्य की इच्छा को लेकर कठोर साधना की थी। शुद्ध भाव से की गई परमात्मा की भक्ति सभी सिद्धियों को देने वाली है। उन्होंने कहा कि गोपियों ने श्री कृष्ण को पाने के लिए त्याग किया परंतु हम चाहते हैं कि हमें भगवान बिना कुछ किये ही मिल जाये, जो की असम्भव है भागवत कथा में अनूप महाराज ने कहा कि शुकदेव जी महाराज परीक्षित से कहते हैं, राजन जो इस कथा को सुनता है उसे भगवान के रसमय स्वरूप का दर्शन होता है, उसके अंदर से काम हटकर श्याम के प्रति प्रेम जाग्रत होता है। इसी के साथ व्यास जी ने परिक्षित मोक्ष की कथा सुनाई! आयोजक मोनू सिंह राठौड़, बलराम सिंह राठौड़, श्रीकृष्ण सिंह राठौड़, अनूप दुबे, शनि सिंह, आलोक अवस्थी, दामोदर सिंह, दिगम्बर सिंह श्याम सिंह, समेत बड़ी संख्या श्रद्धालु मौजूद रहें।








