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कानपुर के दिग्गज कांग्रेसी नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन, 81 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

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कानपुर, (रीजनल एक्सप्रेस)।  उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल का देर रात निधन हो गया। 81 वर्षीय जायसवाल को रात में पोखरपुर स्थित उनके आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों ने हृदय रोग संस्थान ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी मृत्यु की पुष्टि कर दी। हृदय रोग संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि उन्हें अस्पताल पहुंचाने पर पहले ही निधन हो चुका था। पिछले कई वर्षों से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था, खासकर कोरोना काल के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई थी, जिसके कारण उन्हें लोगों को पहचानने में भी कठिनाई हो रही थी।

श्रीप्रकाश जायसवाल कानपुर की राजनीति के एक प्रमुख स्तंभ थे। 25 सितंबर 1944 को जन्मे जायसवाल ने डीएवी कालेज, कानपुर से शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने 1977 में कांग्रेस में सक्रिय राजनीति की शुरुआत की और धीरे-धीरे पार्टी में ऊंचाइयों को छुआ। 1989 में वे कानपुर नगर निगम के मेयर बने, जब सभासदों द्वारा मेयर का चुनाव होता था। 1999 में भाजपा के जगतवीर सिंह द्रोण को हराकर वे पहली बार कानपुर लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद 2004 और 2009 में लगातार दो बार फिर जीत हासिल की, जिससे वे तीन बार सांसद बने।

राजनीतिक सफर में उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 2004 में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बनना था, जहां वे 2009 तक रहे। बाद में 2011 से 2014 तक वे केंद्रीय कोयला मंत्री के पद पर आसीन रहे। 4 दिसंबर 2000 से 3 जुलाई 2002 तक वे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। मंत्री रहते उन्होंने कानपुर को कई महत्वपूर्ण सौगातें दीं, जिनमें श्रम शक्ति एक्सप्रेस ट्रेन और सीओडी पुल प्रमुख हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के करीबी रहे जायसवाल ने कांग्रेस को कानपुर में मजबूत आधार प्रदान किया।

हालांकि, 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज डॉ. मुरली मनोहर जोशी से हार का सामना करना पड़ा। 2019 में सत्यदेव पचौरी ने उन्हें हराया, जबकि 2024 में उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा और टिकट आलोक मिश्रा को सौंपा। 1993 में छावनी विधानसभा और 1998 में लोकसभा चुनाव में हार के बावजूद उनका संघर्ष प्रेरणादायक रहा।

जायसवाल के निधन से कांग्रेस परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सरकार में उनके योगदान को याद करते हुए कई नेता श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार आज कानपुर में ही किया जाएगा। परिवार और समर्थकों के प्रति सभी की गहरी संवेदनाएं।

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