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नारी पर पुलिस का क्रूर प्रहार, शिकायत बनी सजा, फटे वस्त्र, अपमान अपार, चेहरे पर जूतों की छाप, दर्द भरा संसार

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पुलिस बर्बरता का गंभीर आरोप, महिला ने बताया- शिकायत करने पर पीटा, कपड़े फाड़े, चेहरे पर जूते रगड़े

लखनऊ (रीजनल एक्सप्रेस ) 5 सितंबर, 2025: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस प्रशासन पर एक और गंभीर आरोप लगाया गया है, जिसने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। एक महिला ने दावा किया है कि जब वह पीजीआई सेक्टर 10 में अपने दोस्त से मिलने जा रही थी, तो रास्ते में कुछ लोगों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। शिकायत दर्ज कराने के लिए उसने 112 पर कॉल किया, लेकिन इसके बजाय उसे पुलिस द्वारा ही प्रताड़ित किया गया।

https://x.com/meevkt/status/1963931715694408181?s=19

महिला ने बताया कि एक दो-स्टार पुलिस अधिकारी और दो महिला सिपाही उसके पास पहुंचे और उसे वेश्यावृत्ति और नशे में होने का आरोप लगाया। उसके अनुसार, पुलिस ने उसे बुरी तरह पीटा, उसके कपड़ों को फाड़ दिया और पुलिस चौकी के अंदर उसके चेहरे पर जूते रगड़े। उसने कहा, “मैं अपनी जान दे दूंगी। मैं जीना नहीं चाहती। मुझे विधानसभा के सामने जान दे दूंगी, और इसकी जिम्मेदार पीजीआई की पुलिस होगी। “यह आरोप उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाफ बढ़ते अपराधों और बर्बरता के इतिहास को दर्शाता है। कुछ माह पूर्व ही, एक अन्य मामले में लखनऊ के चिनहट में एक व्यक्ति की कथित हिरासत में मौत हो गई, जिसके लिए पुलिस पर गंभीर आरोप लगे थे। जिसका वीडियो सोसल मीडिया पर वायरल है!

पुलिस प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया में, लखनऊ पुलिस ने कहा है कि सहायक पुलिस आयुक्त गोसाईगंज द्वारा मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया निर्देश, जिसमें उन्होंने सार्वजनिक शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त न करने की बात कही थी, इस घटना के संदर्भ में एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। महिला के दावों ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी दर्शाया है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था कितनी कमजोर हो सकती है। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती होगी, जहां पहले से ही जनता का विश्वास पुलिस पर से उठता जा रहा है।

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