
विमुक्त जाति दिवस समारोह: मुख्यमंत्री योगी ने विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों के कल्याण का लिया संकल्प
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लखनऊ( रीजनल एक्सप्रेस)। 31 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों के कल्याण के लिए आयोजित ‘विमुक्त जाति दिवस समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। लखनऊ में आयोजित इस समारोह में उन्होंने इन समुदायों से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया और इनके कल्याण पर आधारित एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार इन समुदायों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक रूप से इन जनजातियों ने विभिन्न कालखंडों में देश पर होने वाले हमलों का डटकर मुकाबला किया और अपने पराक्रम का लोहा मनवाया। लेकिन परिस्थितियों के कारण पलायन और संपत्ति के नुकसान ने इन्हें घुमन्तू बना दिया।
ऐतिहासिक अन्याय का अंत
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रिटिश सरकार ने इन जनजातियों को नियंत्रित करने के लिए क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट-1871 बनाया, जिसके तहत इन्हें जन्मजात अपराधी घोषित किया गया। यह प्रताड़ना 1952 तक जारी रही, जब बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर के प्रयासों से 31 अगस्त, 1952 को इस एक्ट से मुक्ति मिली। इसके बाद इन समुदायों को प्रगति का अवसर प्राप्त हुआ।
शिक्षा के लिए विशेष पहल
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। प्रदेश के नौ जनपदों—रामपुर, फर्रुखाबाद, सारनाथ, चन्दापुर (वाराणसी), लखनऊ, गोरखपुर, गोण्डा, दु़द्धी (सोनभद्र), और हसनपुर (सुल्तानपुर)—में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, ईश्वर शरण आश्रम पद्धति विद्यालय (प्रयागराज) और प्रगति आश्रम हाईस्कूल (बालागंज, लखनऊ) अनुदान पर चल रहे हैं। प्रदेश में 101 आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित हैं, जहां विमुक्त जातियों के विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाता है। इन विद्यालयों में भोजन, स्कूल ड्रेस, और पुस्तकें निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। साथ ही, प्रतापगढ़ में दो और लखीमपुर खीरी में एक छात्रावास स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से संचालित हैं। 264 राजकीय अनुसूचित जाति छात्रावासों में भी इन समुदायों के छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है।
आजीविका और बुनियादी सुविधा
मुख्यमंत्री ने बताया कि कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, और मुरादाबाद में विमुक्त जातियों की आजीविका के लिए ‘राजकीय उन्नयन बस्ती’ के तहत आवास, कृषि योग्य भूमि के पट्टे, और विद्यालय स्थापित किए गए हैं। वनटांगिया समुदाय को राजस्व ग्राम का दर्जा और मतदान का अधिकार दिया गया है। वर्ष 2017 से पहले इस समुदाय के पास पक्के मकान नहीं थे, लेकिन अब उनके लिए पक्के मकान, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, और अस्पताल बनाए गए हैं।मुसहर, कोल, थारू, गोंड, और चेरो जैसे समुदायों को भी सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रजापति समुदाय को अप्रैल से जून तक तालाबों से निःशुल्क मिट्टी निकालने की सुविधा प्रदान की गई है, साथ ही सोलर और इलेक्ट्रिक चाक देकर उनके मिट्टी के बर्तन बनाने के कार्य को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
निषाद समुदाय और अन्य पहल
निषाद समुदाय के लिए स्थानीय पट्टे, आवास, और नौकाएं प्रदान की जा रही हैं। बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य स्मारक और आजमगढ़ में उनके नाम पर विश्वविद्यालय का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री ने नट, बंजारा, बावरिया, शासी, कंजर, कालबेलिया, सपेरा, और जोगी जैसे समुदायों के लिए घुमन्तू जनजाति बोर्ड के गठन की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि इन्हें जमीन के पट्टे, आवास, सरकारी नौकरियां, और अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा सके।
सामाजिक समावेशन और अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिना भेदभाव के प्रत्येक नागरिक को सुविधाएं प्रदान कर रही है। बेटियों के जन्म से स्नातक तक की शिक्षा के लिए 25,000 रुपये का पैकेज और सामूहिक विवाह योजना के तहत 1 लाख रुपये की सहायता दी जाती है। हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों के युवक-युवतियों का चयन हुआ है।
कार्यक्रम में अन्य वक्ता
कार्यक्रम को मत्स्य मंत्री संजय निषाद, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, और समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ रावत, अपर मुख्य सचिव समाज कल्याण एल. वेंकटेश्वर लू, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।








