
किसानों के जी का जंजाल बने अन्ना मवेशी
उन्नाव/पाटन(रीजनल एक्स्प्रेस)।अधिसूचना के बाद भी तहसील प्रशासन अन्ना मवेशियों के मामले में झूठे प्रमाणपत्र देकर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने में जुटा है। जबकि गौशाला होने के बाद भी मलयपुर के किसान अपनी फसलों की रखवाली के लिए रात भर खेतों में बिता रहे हैं।
किसानों के लिए मुसीबत बने अन्ना मवेशी आज भी तमाम गौशालाओं के संचालन के बावजूद सड़क से लेकर खेतों में चहलकदमी करते हुए देखे जा रहे हैं। जबकि तहसील प्रशासन अन्ना मवेशी मुक्त ग्राम पंचायत के प्रमाण पत्र जुटाकर उच्चाधिकारियों को गुमराह करने में जुटा हुआ है। इसकी एक बानगी बीती रात बक्सर के मजरे मलयपुर में देखने को मिली। यहां अन्ना मवेशियों के कई झुंड सड़क से लेकर खेतों में विचरण करते देखे गए। जबकि अपनी फसलों की रखवाली करने के लिए किसान मचाना बनाकर कड़कड़ाती ठंड में भी खेतों में रहने को विवश हैं। कमोबेश यही स्थिति तहसील के सभी कस्बों व गांवों में है। गोशालाओं के संचालन में जहाँ बजट के अभाव को बड़ा कारण बताकर अधिकांश ग्राम प्रधान लापरवाही बरत रहे हैं वहीं तहसील प्रशासन भी गोशालाओं के संचालन के बजाय कागजी कोरम पूरा करने में जुटा है। क्षेत्रीय निवासी मनबीर सिंह, मोनू सिंह, धीरेंद्र बहादुर सिंह, मनीष वर्मा, दीपक यादव समेत अन्य लोगों का कहना है कि यदि सरकार के बधियाकरण अभियान को पूरी ईमानदारी से चला दिया जाता तो अन्ना मवेशी इतनी बड़ी संख्या में मुसीबत न बनते। किसानों ने शासन व प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की है।








